उपचार से पहले कारण समझना जरूरी है
फर्टिलिटी देखभाल आमतौर पर दोनों पार्टनर की जांच से शुरू होती है। डॉक्टर मासिक धर्म और ओव्यूलेशन का इतिहास, ओवेरियन रिजर्व, गर्भाशय और ट्यूब, सीमेन पैरामीटर, उम्र, कितने समय से गर्भधारण का प्रयास हो रहा है और पहले हुए उपचार को देखकर अगला कदम तय कर सकते हैं।
फर्टिलिटी उपचार का मतलब केवल IVF नहीं है
फर्टिलिटी उपचार में सही निदान, जीवनशैली संबंधी सलाह, पहचानी गई समस्या का उपचार, दवाएं, ओव्यूलेशन सपोर्ट, तय समय पर संबंध, IUI, कुछ चुने हुए मामलों में सर्जरी, IVF, ICSI या अन्य असिस्टेड रिप्रोडक्शन विकल्प शामिल हो सकते हैं।
कब सरल उपचार पहले आजमाए जा सकते हैं
जांचों के आधार पर कुछ दंपतियों को पहले दवाएं, ओव्यूलेशन मॉनिटरिंग, किसी पहचानी गई समस्या का उपचार या IUI की सलाह दी जा सकती है। यह निर्णय उम्र, इंफर्टिलिटी की अवधि, ट्यूब की स्थिति, सीमेन रिपोर्ट और कारण पर निर्भर करता है।
कब IVF जल्दी सुझाया जा सकता है
यदि ट्यूब में गंभीर समस्या हो, पुरुष-कारक इंफर्टिलिटी अधिक हो, उम्र से जुड़ी कुछ चिंताएं हों, कुछ प्रकार की एंडोमेट्रियोसिस हो या पहले उपचार सफल न हुए हों, तो डॉक्टर IVF को पहले विकल्पों में रख सकते हैं।
दो दंपतियों की योजना अलग क्यों हो सकती है
इंफर्टिलिटी एक ही बीमारी नहीं है। ट्यूब, ओव्यूलेशन, स्पर्म, उम्र, एंडोमेट्रियोसिस या अस्पष्ट कारण अलग-अलग उपचार योजना की ओर ले जा सकते हैं। जो योजना एक दंपति के लिए सही है, वही दूसरे के लिए जरूरी नहीं।
निर्णय लेने से पहले कौन से सवाल पूछें
पूछें कि संभावित कारण क्या है, सुझाया गया उपचार किस समस्या को हल करने के लिए है, अन्य उचित विकल्प क्या हैं, कौन सी जांच बाकी है और उपचार योजना की समीक्षा कब होगी। इससे आप केवल उपचार का नाम नहीं, बल्कि उसके पीछे का कारण समझ पाते हैं।